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रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए घरेलू उपचार

रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immune System)

 

भगवान द्वारा मानव शरीर की रचना काफी चमत्कारी रूप से की गई है। शरीर के हर एक अंग का अपने आप में अहम किरदार हैं। जब कभी किसी कारण मानव शरीर के किस अंग में कोई तकलीफ होती है तब मानव शरीर में ही उपस्थित उस रोग से लड़ने या शरीर को उस रोग से बचाने वाली कार्यप्रणाली को रोग प्रतिरोधक क्षमता नाम से जाना जाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता जिसे अंग्रेजी में इम्यून सिस्टम कहा जाता है। यह एक तरह से मानव शरीर की शक्ति होती है। जो विभिन्न प्रकार के रोगों से मानव शरीर को बचाने में मदद करती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता हर व्यक्ति के शरीर में मौजूद होती है। यह क्षमता धीरे-धीरे समय के अनुसार या उम्र बढ़ने के साथ - साथ कमजोर होने लगती है। इस वजह से रोग प्रतिरोधक क्षमता व्यक्ती के रोगों से लड़ने में धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगती है। और इसी कारण से मानव शरीर पर रोग हावी होने लगते हैं। इसलिए व्यक्ति बीमार हो जाता है। जैसे कि उपरोक्त बताया गया इससे आप भली-भांति समझ गए होंगे कि मानव शरीर के लिए या लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता कितनी महत्वपूर्ण हैं। आज यहां हम आपको रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाले कुछ ऐसे घरेलू उपचार बताने वाले हैं जिनसे मानव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने लगती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता के बढ़ने से व्यक्ति कम बीमार पड़ता है और यदि बीमार  होता भी है तो जल्द से जल्द ठीक भी हो जाता है।

 

रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए घरेलू उपचार (Immune System)

*  प्रतिदिन के 6 से 8 बादाम को भिगो कर खाने से ना केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है बल्कि इसके अतिरिक्त इससे दिमाग को तनाव से लड़ने की शक्ति भी मिलती है। विटामिन ई शरीर में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले नेचुरल किलर सेल्स को बढ़ाने में मदद करता है जो विषाणु और कैंसर युक्त कोशिकाओं को नष्ट करने में सहायक होती है। बादाम शरीर में बी-टाइप की कोशिकाओं की संख्या बढ़ाने का भी काम करता है। यह कोशिकाएं एंटीबॉडी का निर्माण करती है जो शरीर में मौजूद व नुकसानदेह बैक्टीरिया को नष्ट करने में सहायक होती हैं। बादाम में पाए जाने वाला विटामिन  "ई"  त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में लाभदायक है। 

*  नींबू, संतरा और अनानास जैसे खट्टे फलों में विटामिन "सी" काफी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो हर तरह के संक्रमण से लड़ने वाली श्वेत रक्त कोशिकाओं का निर्माण करने में सहायक होता है। इसके सेवन से बनने वाली एंटीबॉडीज कोशिकाएं की सतह पर एक आवरण बना देती हैं जो शरीर के भीतर वायरस आने नहीं देता इनसे मौजूद विटामिन सी शरीर में  एच०डी०एल० (H.D.L) यानी गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। जिससे कार्डियो वैस्कुलर बीमारियों से बचाव होता है। इसके अतिरिक्त ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है यह हृदय की धमनियों में वसा जमने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है।

*  गर्म पानी के साथ नींबू और शहद का मिश्रण बनाकर सेवन करने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है

*  लौंग का सेवन शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और रक्त शुद्ध करता है।

*  छोटे बच्चों को दूध पिलाने से पहले शहर चटा दें फिर दूध पिलाएं यह रोग निरोधक क्षमता बढ़ाता है।

*  लहसुन के सेवन से शरीर में टीसेल्स फैगोसाइट्स लिंफोसाइट्स आदि प्रतिरोधक तत्व बढ़ते हैं और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। इससे किसी भी प्रकार के संक्रमण का प्रभाव शरीर पर तुरंत या  आसानी से नहीं होता है।