Home remedies for getting relief from sneezing problems cheenk aane ki samsya ka gharelu upchaar

छींकों की समस्या से आराम पाने का घरेलू उपचार

छींकें आने की समस्या (Problem of sneezing)

 

सामान्यतः देखा जाए तो छींकें आने  एक बहुत ही आम साधारण समस्या मानी जाती है। ऐसा भी कहा  जा सकता है कि ऐसी समस्या पूरे देश भर में किसी ना किसी को कभी कभी जरूर हुई होगी। छींक की समस्या से हर कोई कभी ना कभी पीड़ित रहा होगा। छींक आने की समस्या कोई बड़ी समस्या नहीं है किंतु इस समस्या का किसी सामाजिक क्षेत्र में प्रारंभ हो  जाने से यह समस्या आपको सभी लोगों के सामने या समाज के सामने  थोड़ा शर्मिंदा कर देती है। छींक आना एक आम साधारण समस्या है परंतु अधिक या लगातार आना व्यक्ति या पीड़ित को  काफी परेशान कर देती है। छींक आने की समस्या के कई कारण  हो सकते हैं। छींक आने की समस्या के कुछ मुख्य कारण इस प्रकार हैं। सर्दी के कारण छींक आना सबसे बड़ी वजह में से एक है। सर्दी लगने से छींक के आने के अलावा खांसी हल्का या तेज बुखार भी महसूस हो सकता है। छींक आने का दूसरा सबसे बड़ा कारण एलर्जी को माना जाता है। एलर्जी के कारण छींकें आना दूसरा सबसे बड़ा कारण है। एलर्जी की समस्या में ज्यादातर व्यक्तीयों को धूल या मिट्टी से एलर्जी की समस्या  देखने को मिलती है या कहें की अधिक लोगों में इस प्रकार की समस्या  पाई जाती है। इस समस्या से बचने के लिए इस बात का विशेष ध्यान रहे कि जब भी धूल और गंदगी भरी जगह से पीड़ित व्यक्ति गुजरे मुंह एवं नाक को अच्छे से ढक कर रखें इसके अलावा छींक आने के और भी कारण होते हैं जैसे लकड़ी का बुरादा, किसी पशु की अलग सी महक, धूल, धुआं इत्यादि कारण छींक आने के हो सकते हैं। छींकें आने के लिए आज यहां आपके लिए कुछ घरेलू उपचार सुझाने वाले हैं। जिन्हें अपनाकर आप ऐसी समस्या में आराम पा सकते हैं।

               

छींकों की समस्या से आराम पाने का घरेलू उपचार

1. मेथी के बीजों में एंटीबैक्टीरियल गुण पाया जाता है। मेथी के बीजों को अपनाकर आप उपरोक्त समस्या में आराम पा सकते हैं। दो चम्मच मेथी को पानी के साथ मिलाकर उबालें इस मिश्रण से पानी को निकाल कर पी लें जब तक बदलाव या आराम ना मिले इस प्रक्रिया को दिन में दो से तीन बार दोहराएं।

2.  एलर्जी की समस्या के कारण होने वाली छींकों की समस्या को भगाने के लिए या आराम पाने के लिए कैमोमाइल चाय का उपयोग करना काफी आरामदायक माना जाता है। इस प्रयोग के द्वारा छींक की समस्या से आपको आराम मिलने लगता है। उबलते हुए पानी में एक चम्मच कैमोमाइल के सूखे फूल को मिलाए कुछ देर तक इसे उबलने दें और एक चम्मच गाड़ा शुद्ध शहद मिला दें इसके बाद तैयार चाय को निकालकर दिन में दो बार  इस प्रयोग को करें।

3. छींकें और अन्य समस्याओं को रोकने के लिए अदरक भी काफी लाभदायक असर कारक माना जाता है। एक या दो चम्मच अदरक के रस  का सेवन करना छींक को रोकने में सहायता करता है। वैकल्पिक रूप से अदरक के टुकड़ो को उबलते हुए पानी में मिलाएं और कुछ देर बाद उबलते हुए पानी में थोड़ा सा शुद्ध शहद मिलाकर रात में सोने से पहले इसका सेवन करें इस प्रक्रिया से रात में आने वाली छींकों में राहत मिलती है।

4. काली मिर्च का उपयोग भी बहती हुई नाक और छींक को रोकने में काफी असर कारक है। काली मिर्च को लेकर उसे अच्छे से पीस लें पिसी हुई काली मिर्च को गुनगुने पानी के साथ मिलाकर दिन में दो या तीन बार पिए या काली मिर्च को दूध में मिलाकर रात में सोने से पहले इसका सेवन करें। विकल्प के रूप में काली मिर्च मिले पानी से गरारे करें इससे कीटाणु और विषाणु से छुटकारा पा सकते हैं जो सर्दी का कारण है। या अपने प्रतिदिन के सलाद और सूप में काली मिर्च का उपयोग करें।

5. जिन्हें बहुत अधिक छींक आती हैं उन्हें नाक में प्रतिदिन दो-दो बूंद सरसों का तेल डालना चाहिए इससे लाभ मिलेगा।

6.  कलौंजी के बीजों को पीसकर सुंघने से छींकों  का बार बार आना बंद हो जाता है।

7.  10 ग्राम अजवाइन और 50 ग्राम पुराने गुड़ को लगभग 450 मिलीलीटर पानी में पकाएं और जब वह उबल कर 250 मिलीलीटर शेष रह जाए तब थोड़ा ठंडा होने पर इसका सेवन करके चादर ओढ़ कर सो जाएं। इससे छींक आना बंद हो जाता है।