Home remedies for problem of stuttering in hindi tutlana or haklane ki samasya ka gharelu upchaar

तुतलाना एवं हकलाने की समस्या के लिए घरेलू उपचार

तुतलाना एवं हकलाने की समस्या के लिए घरेलू उपचार

 

तुतलाना एवं हकलाना काफी विचित्र समस्या होती हैं। जिसमें पीड़ित को बोलने में परेशानी एवं दिक्कत महसूस होती है। तुतलाना एवं हकलाना ऐसी ही दो समस्याओं का नाम है जिसमें पीड़ित व्यक्ती को ठीक तरह से वोलने में असमर्थ होता है।  तुतलाना एक समस्या है जिसमें पीड़ित व्यक्ति की बोलते समय आवाज साफ नहीं आती या कहें कि बोले हुए शब्द साफ नहीं समझे जा सकते हैं और हकलाने की समस्या में पीड़ित व्यक्ति अटक - अटक कर बोलते हैं। उपरोक्त समस्या तुतलाना एवं हकलाने छोटे बच्चों में अधिक देखी जाती है और छोटी उम्र में ही या कहें कि बचपन में ही इस समस्या की पहचान हो जाती है और  जिस पीड़ित ने या जिस व्यक्ति ने इस समस्या का उचित उपचार बचपन में ही नहीं कराया गया तो यह समस्या व्यक्ति या पीड़ित की बढ़ती उम्र के साथ - साथ लगातार बढ़ती रहती है। तुतलाना एवं हकलाने जैसी समस्या के उपचार के लिए डॉक्टरों के पास भी कोई निश्चित उपचार या कोई सफलता पूर्ण कारगर दवा नहीं है। परंतु कुछ घरेलू उपचार या आयुर्वेदिक दवाओं के द्वारा यह समस्या का उपचार किया जा सकता है। सामान्यतः देखा जाए तो इस समस्या से छोटे बच्चों में इतनी दिक्कत या परेशानी नहीं महसूस होती है परंतु जैसे - जैसे पीड़ित बच्चे से बड़ा होता है वैसे - वैसे समस्या का अनुमान होने लगता है। तुतलाना एवं हकलाने की समस्या के लिए घरेलू उपचार आज यहां इस लेख में सुझाने वाले हैं जिसे अपनाकर आप लाभान्वित हो सकते हैं।

 

तुतलाने एवं हकलाने का कारण  

1. अधिकांश बोलते समय काम आने वाली मांसपेशियों पर जीभ का नियंत्रण ना होने के कारण व्यक्ती में तुतलाहट एवं हकलाहट की समस्या उत्पन्न होने लगती है।

2. कभी-कभी कुछ लोग काफी नर्वस हो जाते हैं ऐसी स्थिति में उनके बोली में हकलाहट शुरू हो जाती है। इसी तरह कुछ लोग उत्साहित होने पर हकलाने लगते हैं। इसके अलावा कभी-कभी कुछ लोग टेंशन के कारण भी हकलाने लगते हैं।

तुतलाने एवं हकलाने के लक्षण  

1. कुछ बोलते समय कभी कभी एक ही शब्द का प्रयोग बार-बार होना या किसी शब्द पर अटक अटक कर बोलने वाली स्थिति हकलाने की समस्या को दर्शाती है।

2. तेज बोलना या फिर बोलते वक्त कभी कभी आँखें झपझपाना। होठों में कंपन होना बोलते वक्त जबड़े का हिलना भी तुतलाने एवं हकलाने की स्थिती को दर्शाता है।

 

तुतलाना एवं हकलाने की समस्या के लिए घरेलू उपचार

छोटे बच्चे यदि एक ताजा हरा आंवला रोजाना कुछ दिन चबाएं तो तुतलाना और हकलाने की समस्या मिट जाती है जीभ पतली और आवाज साफ आने लगती है। इसके अलावा मुख की गर्मी भी शांत होती है।

सहायक उपचार

 सात बादाम की गिरी, सात काली मिर्च दोनों को कुछ बूंद पानी मिलाकर बारीक महीन पीस लें और इसमें थोड़ी सी पिसी हुई मिश्री मिलाकर चाट लें। प्रातः खाली पेट कुछ दिन तक लें।

 

स्पष्ट नहीं बोलने और काफी ताकत लगाने पर भी हकलाहट दूर ना हो तो दो काली मिर्च मुंह में रखकर चबाएं अथवा चूसें यह प्रयोग दिन में दो बार लंबे समय तक करें।

 

हकलाकर बोलने की समस्या 5 ग्राम सौंफ को दरदरा कूट लें या थोड़ा कूट लें इसको 300 ग्राम पानी में उबाल लें जब पानी उबालकर 100 ग्राम शेष रह जाए तब इसमें 50 ग्राम मिश्री तथा 250 ग्राम देशी गाय का दूध मिलाकर रोजाना सोने से पहले पीते रहने से कुछ दिनों में ही हकलाकर बोलने की समस्या ठीक हो जाती है।

 

 आवाज में तोतले पन की समस्या  हो या फिर हकलाहट हो तो इसके घरेलू  इलाज में छुहारे खाने से भी फायदा मिलता है। छुहारे के सेवन से आवाज साफ होने लगती है रात को सोने से पहले दो छुहारे का सेवन करें और इसके बाद 2 घंटे तक पानी ना पिए।

 

हकलाहट का इलाज करने के लिए  रात को सोने से पहले पांच से छह बदाम पानी में भिगोकर रख दें और प्रातः इन बदामो को छीलकर पीस लें अब 30 ग्राम की मात्रा में मक्खन के साथ पिसे हुए बादाम का सेवन करें इस उपाय को प्रतिदिन निरंतर सेवन करने पर हकलाहट ठीक होने लगती है। हकलाना बंद करने के लिए बदाम के अलावा मक्खन के साथ काली मिर्च का सेवन करने से भी फायदा मिलता है। इसके लिए एक चम्मच मक्खन के साथ एक चुटकी काली मिर्च सुबह सुबह सेवन करें।