Home remedies for the problem of whooping cough kaali khansi ka gharelu upchaar in hindi

काली खांसी की समस्या का घरेलू उपचार

काली खांसी का घरेलू उपचार (Whooping Cough)

 

काली खांसी यह एक खांसी  का विकराल रूप है जिसमें पीड़ित व्यक्ति को काफी तेज खांसी उत्पन्न होती है। इस प्रकार की खांसी को कुकर खांसी या कुत्ता खांसी भी कहा जाता है। सामान्यतः यह 5 वर्ष तक की उम्र के बच्चों में देखी जाती है परंतु ऐसा नहीं है कि यह वयस्कों को नहीं होती इस प्रकार की खांसी की समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। काली खांसी की समस्या संक्रमण के कारण फैलती है। काली खांसी की समस्या में पीड़ित व्यक्ति को सर्दी, जुकाम बुखार जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है। काली खांसी की समस्या के चलते पीड़ित व्यक्ति को खांसी का दौरा पड़ता है और यह खांसी का दौरा काफी गंभीर होता है क्योंकि खांसी लगातार चलती रहती है और खांसी इतनी भीषण होती है कि खांसते - खांसते कभी - कभी उल्टी भी हो जाती है। अधिकतर यह खांसी पीड़ित को रात्रि के समय होती है और रात्रि में होने से पीड़ित को बहुत घबराहट या बेचैनी भी होती है। छोटे बच्चों में यह समस्या इतनी विकराल हो जाती है कि कभी कभी लगातार खांसी के चलते सांस लेने में दिक्कत होती है और शरीर नीला पड़ने लगता है। इस प्रकार की समस्या के फैलने का कारण है इस समस्या से प्रभावित व्यक्ति के खांसते समय या छींकते समय समस्या से प्रभावित व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में संक्रमण फैल जाना जिसके कारण स्वस्थ व्यक्ति भी काली खांसी जैसी समस्या से पीड़ित हो जाता है। इस समस्या में आराम पाने का घरेलू उपचार कुछ इस प्रकार है।

 

 काली खांसी का घरेलू उपचार

1. भुनी हुई फिटकरी दो ग्रेन या एक रत्ती की मात्रा में  चीनी दो ग्रेन दोनों को मिलाकर दिन में दो बार खिलाएं 5 से 7 दिन में काली खांसी ठीक हो जाती है। वयस्कों को इस औषधि की दुगनी मात्रा दें यदि बिना पानी के दवा लेने में समस्या उत्पन्न हो या बिना पानी के दवा ना ले सकें तो एक या दो घूट गरम पानी औषधि के सेवन करने के बाद ले सकते हैं।

2. फिटकरी के साथ सुहागा कलमी शोरा यवक्षार  और काला नमक बराबर मात्रा में मिलाकर महीन चूर्ण बना लें इस  चूर्ण को 2 ग्राम की मात्रा में बच्चों को सुबह - शाम शहद के साथ चटांए इस प्रयोग से खांसी आना बंद हो जाती है और पीड़ित को आराम मिलना शुरू हो जाता है।

3.  फिटकरी का फूला बनाकर काली खांसी के उपाय में प्रयोग किया जा सकता है फूला बनाने के लिए फिटकरी को पीस लें और लोहे की कड़ाही या लोहे के तवे पर भून लें फिटकरी जैसे ही गर्म होगी वह द्रव्य रूप में हो जाएगी थोड़ा सा तपने के बाद यह कठोर होने लगेगी और खुश्क हो जाएगी अब इसे दूसरी तरफ से भी भून लें दोनों तरफ से भूनने के बाद फिटकरी का चूर्ण बना लें और अब भुनी हुई फिटकरी को 10 ग्राम की मात्रा में ले लें और इसमें देसी खांड 100 ग्राम मिला दें दोनों को बारीक पीसकर आपस में अच्छे से मिला लें अब इस मिश्रण की बराबर मात्रा में 14 पुड़िया बना लें  इसमें से एक रोज नित्य दूध के साथ सोते समय सेवन करें बच्चों में इस पुड़िया की मात्रा को आधा कर दें। इस प्रयोग से काली खांसी में काफी जल्दी राहत मिलेगी और इसका इस्तेमाल करने से काली खांसी में जल्दी लाभ मिलता है।

4.  काली मिर्च और मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें और इस मिश्रण में उतनी ही मात्रा में देसी गाय का शुद्ध घी मिला लें अब इस मिश्रण की बेर की गुठली के समान गोलियां बना लें और सुबह शाम एक-एक गोली को चूसने से कुकर खांसी ठीक हो जाती है व गले में आराम मिलने लगता है।